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What is शनि ग्रह के शांति के उपाय and Why Does it Matter?

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शनि ग्रह के शांति के उपायवैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि को क्रूर ग्रह बताया गया  है, परन्तु  शनि शत्रु नहीं बल्कि मित्र ग्रह भी  है। शनि देव को ग्रहों में  न्यायाधीश की पदवी प्राप्त हैं और लोगों को उनके कर्मों का फल देते हैं। शनि देव अच्छे लोगो के लिए बहुत अच्छे परन्तु बुरे और पापियों के लिए क्रूर है उन्हें बुरे कर्मो का दंड शीघ्र देते है। शनि ग्रह के शांति के उपाय के लिए, उनकी क्रूरता से बचने के कई उपाय शास्त्रों में वर्णित है जिसमे से कुछ उपाय जो की शनि ग्रह के शांति के लिए हैं। आपके लिए लेकर आये है ताकि आप शनि देव की क्रूरता से, शनि ग्रह के शांति के उपाय करके उनकी शुभता का आशीर्वाद ले सके।  इनमें शनिवार का व्रत, हनुमान जी की पूजा-आराधना, शनि-मंत्र, शनि-यंत्र, और अपनी छाया का दान करना आदि प्रमुख शनि ग्रह के शांति के उपाय हैं। चुकि शनि देव हमारे  कर्म भाव का स्वामी होते है इसलिए शनि के शुभ प्रभाव से नौकरी और व्यवसाय, और भाग्य में वृद्धि  होकर तरक्की मिलती है। शनिदेव को भाग्य का स्वामी भी कहा गया है। शनि देव कर्मो के अनुसार भाग्य का निर्माण करते है।  वहीं शनि देव अगर आपकी  कुंडली में  कम…

How to Do राहु ग्रह के शांति के आसान उपाय ?

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राहु ग्रह के शांति के आसान उपायवैदिक ज्योतिषशास्त्र  के अनुसार  राहु ग्रह  एक क्रूर ग्रह की श्रेणी में आता  है। कुंडली में राहु को सर्वाधिक अशुभ होने से मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, असाध्य  बीमारियाँ, झगड़े, दुर्घटना, और धन की कमी का सामना करना पड़ता है। परन्तु यही राहु ग्रह कुंडली में शुभ हो तो व्यक्ति को राजा बना देता है, राहु सफलता की सर्वोच्च उचाई प्रदान करता है, व्यक्ति सर्वोच्च पदों पर आसीन होते है ,  वही राहु को राजनितिक सफलता का कारक माना गया है। कुंडली में राहु जिस भी राशि में हो उस राशि का राशिपति अगर शुभ भाव में उच्च हो तो इस स्थति में राहु अच्छा परिणाम देता है। यदि आपकी कुंडली में राहु अशुभ हो तो ऐसी स्थिति में राहु ग्रह शांति के लिए उपाय किये जाते हैं। राहु ग्रह शांति के लिए कई उपाय बताये गये हैं। इनमें राहु से संबंधित वस्तु का दान, जैसे, रत्न (गोमेद), राहु यंत्र, राहु मंत्र और जड़ी धारण करना प्रमुख उपाय में  हैं। ऐसी मान्यता है कि राहु के शुभ प्रभाव  प्राप्त होने के कारण व्यक्ति रातों-रात रंक से राजा बन जाता है, वहीं अशुभ फल प्राप्त होने से राजा से रंक बन जाता है। यदि आपकी…

Ask Me Anything: 10 Answers About बृहस्पति ग्रह शांति के, मंत्र एवं आसान उपाय

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बृहस्पति ग्रह शांति के, मंत्र एवं आसान उपायवैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को देव गुरु कहा गया है। देवताओ के देवगुरु बृहस्पति को हमारे कुंडली में भी धर्म, दर्शन, ज्ञान और संतान का कारक माना जाता है। अगर हमारे कुंडली में बृहस्पति ग्रह अनुकूल है तो धर्म, दर्शन, ज्ञान, धन और संतान की प्राप्ति होती है। बृहस्पति ग्रह शांति से संबंधित कई उपाय हैं, जिन्हें करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।बृहस्पति ग्रह को वैदिक ज्योतिष में आकाश तत्व का कारक माना गया है।  कुंडली में बृहस्पति ग्रह के अशुभ प्रभाव से संतान प्राप्ति में बाधा, पेट से संबंधित बीमारी, धन, ज्ञान प्राप्ति और मोटापा आदि  सम्बंधित  परेशानी होती है। अगर आप बृहस्पति के अशुभ प्रभाव से पीड़ित हैं तो बृहस्पति ग्रह शांति के लिए निम्न बताये गए, ये उपाय करें। इन उपायों को करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी और अशुभ प्रभाव दूर होंगे।
वस्त्र एवं आपके जीवन शैली से जुड़े बृहस्पति ग्रह शांति के कुछ उपाय
वस्त्र के रूप में आप पीला, क्रीम कलर और ऑफ़ व्हाइट रंग उपयोग में लाना बृहस्पति ग्रहके लिए अति शुभ है।इसके प्रयोग से बृहस्पति ग्रह अनुकूल और शुभ प्रभाव देने ल…

This Week's Top Stories About व्यापार वृद्धि के बेहद आसान उपाय |

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व्यापार वृद्धि के बेहद आसान उपाय
आज हम आपको बताएँगे व्यापार वृद्धि के उपाय? जानने के लिए पढ़ें यह लेख। आज देश का हर युवा अपने पैरों पर खड़े होने के लिए अपना व्यापार करने की योजना बनाता है । किन्तु व्यापार में सफल होगा या नहीं, सोचकर यह परेशानी सताने लगती है।  समस्या यह है कि आए दिन एक नया व्यापार शुरू हो रहा है, प्रतियोगी बढ़ते जा रहे है, लेकिन व्यापार में होने वाले नुकसान के चलते जल्द ही उन पर ताले भी लग जाते हैं।   इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे  व्यापार वृद्धि से जुड़े कुछ आसान उपाय । व्यापार वृद्धि में यंत्र पूजन का महत्व  यंत्रों का प्रभाव बहुत सकारात्मक होता है और इनको पूजने से आर्थिक स्थिति मज़बूत होती है व जीवन में सुख प्राप्त होता है। हिंदू धर्म के अनुसार पूजन के समय यंत्रों का काफी महत्व है। ऐसे में व्यापार में सफलता पाने के लिए आप व्यापार वृद्धि यंत्र का पूजन चाहिए । इस यंत्र को शुभ मुहूर्त देखकर अपने कार्यस्थल पर स्थापित करें। प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष में रविवार के  दिन इस यंत्र की स्थापना के लिए अतयंत शुभ माना जाता है। इस यंत्र की पूजा करते समय इस मंत्र का ‘’ऊँ श्री ह्रीं…