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बिहार 10th रिजल्ट 2020 कैसे देखें :- Latest Update

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बिहार बोर्ड 10th रिजल्ट 2020 कैसे देखें :- Latest Update  Download अब  बिहार के 10th कक्षा के छात्रों  का इंतज़ार खत्म 10th का रिजल्ट :- बिहार सेकंडरी एजुकेशन बोर्ड, पटना द्वारा शाम तक रिजल्ट जारी होने की सम्भावना है , बोर्ड द्वारा रिजल्ट जारी करने के पूर्व कोई सुचना प्रकाशित नहीं हो सकी और बिना पूर्व प्रकाशित सुचना के ही 12 वीं का रिजल्ट 24 मार्च को जारी कर दिया गया | इस बार मेट्रिक का रिजल्ट का प्रतिशत अच्छा आने की सम्भवना है |  बिहार बोर्ड 10 th के छात्र अपना रिजल्ट बिहार बोर्ड की ऑफिसियल वेबसाइट पर चेक कर सकते है |  रिजल्ट पाने  के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें   biharboardonline.com www.onlinebseb.in

In 10 minutes, I'll Give you The Truth About Navratra 2020

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नवरात्रि का दूसरा दिन '' या देवी सर्वभू‍तेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥'' नवरात्र के दूसरे दिन माँ  ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की जाती है |  ब्रह्मचारिणी    व्युत्पत्ति: "ब्रह्म" का अर्थ है "एक आत्म-अस्तित्व आत्मा, पूर्ण वास्तविकता ज्ञान , सार्वभौमिक आत्म ज्ञान , पवित्र ज्ञान"। "चारिणी" का अर्थ है, "व्यस्त रहना , जीवन में आगे बढ़ना, अच्छा व्यवहार, शुद्ध आचरण करना , अपने आत्मा के   भीतर जाना"।   माँ  ब्रह्मचारिणी  तपस्या  की देवी हैं, क्योंकि उनका नाम ब्रह्मचर्य का पालन करने वाली महिला के रूप में  है।  माँ  ब्रह्मचारिणी  नंगे पैर, अपने दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडलु लेकर चलते हैं। जन्म :-  माँ  ब्रह्मचारिणी अपनी माँ सती के रूप में प्रजापति दक्ष से उत्पन्न हुई, और बाद में उन्होंने शिव से विवाह किया। यह उनका  अविवाहित रूप है। शासक  ग्रह:-   मंगल मंत्र:-  ऊँ देवी ब्रह्मचारीय नमः   

The Secrets To दुर्गा पूजा की सबसे आसान पाठ विधि || Ma Durga

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 दुर्गा दुर्गा पूजा   दुर्गा पूजा की सबसे आसान पाठ विधि || Durga Path ki Saral Vidhi   दुर्गा पूजन हेतु सामग्रियां -                घी , चौकी , आसन , नारियल, पान के पांच पत्ते, सुपारी पांच , लाल वस्त्र , चंदन , अक्षत , लाल फूल पंचमेवा , रुई , कलावा , कलश, आम का पल्ल्व , रोड़ी , सिंदूर , मिठाई , समिधा, कमलगट्टा, पंचामृत , कुशा , रक्तचंदन , श्रीखंड चन्दन ,तिल , जौ , सुवर्ण प्रतिमा , आभूषण , एवं श्रृंगार के सामान , फूल  माला शुद्धि एवं आचमन आसनी   पर     गणपति   एवं   दुर्गा   माता   की   मूर्ति   के   सम्मुख   बैठ   जाएं  (बिना आसन ,चलते-फिरते, पैर फैलाकर  पूजन  करना निषेध है)|  इसके   बाद   अपने   आपको   तथा   आसन   को   इस   मंत्र   से   शुद्धि   करें - " ॐ   अपवित्र  :  पवित्रोवा   सर्वावस्थां   गतोऽपिवा।   य :  स्मरेत्   पुण्डरीकाक्षं   स   बाह्याभ्यन्तर :  शुचि  : ॥ " इन   मंत्रों   से   अपने   ऊपर   तथा   आसन   पर  3-3  बार   कुशा   या   पुष्पादि   से   छींटें   लगायें,   फिर   आचमन   करें  – "  ॐ   केशवाय   नम :  ॐ