The Next Big Thing in गृह क्लेश निवारण उपाय

Ganesha Vector Thread Transparent & PNG Clipart Free Download - YWD
|| श्री गणेशाय नमः || 

गृह क्लेश निवारण उपाय

गृह क्लेश निवारण के क्या उपाय करे ? यह लेख आपके लिए है । दुनिया में परिवार से बढ़कर कोई सुख नहीं है। दादा -दादी, माता-पिता, भाई-बहन आदि रिश्तों से सजा परिवार एक गुलदस्ते की तरह होता है। इन रिश्तों में गलतफहमी व मनमुटाव होने से पूरे परिवार की शांति भंग हो जाती है और इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में रोज-रोज के विवादों से गृह क्लेश होने लगता है। अगर आप भी घर-परिवार में गृह -क्लेश जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, तो इस लेख के माध्यम से जानें गृह क्लेश निवारण के विभिन्न उपाय।
Spring, Cottage, House, Home, Garden

गृह क्लेश निवारण के उपाय

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में द्वितीय भाव परिवार का, चतुर्थ भाव घर का व सप्तम भाव पति-पत्नी से संबंधित होता है। यदि इन भाव का स्वामी कमजोर हो या इन भावों में कोई क्रूर या अशुभ ग्रह जैसे मंगल, शनि, राहु, केतु स्थित हो जाएं तो परिवार में अशांति व क्लेश होने लगता है। इसके निवारण हेतु अपनी कुंडली का किसी अनुभवी ज्योतिषी से विश्लेषण करवाएं और जो ग्रह कलह अथवा क्लेश कारक हों, उससे संबंधित उपाय करें।
 मुफ्त सलाह के लिए जिसमे सिर्फ आपके एक प्रश्न का उत्तर दिया जायेगा, मुफ्त सलाह के लिए अपना विवरण कमेन्ट बॉक्स में  अपना नाम , पता , जन्म की तिथि और  जन्म का स्थान जिला सहित, ईमेल के साथ सबमिट करे। जबाब तुरंत पाने के सब्सक्राइब और फॉलो जरूर करे ताकि आपका नोटिफिकेशन हमे प्राप्त हो। 



गृह क्लेश निवारण के उपाय वास्तु  के अनुसार 

वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी दिशा को अग्नि कोण माना जाता है। चूंकि इस दिशा पर अग्नि तत्व का शासन होता है, ऐसे में परिवार के सदस्यों की खुशी इसी दिशा से उत्पन्न होती । वैसे यदि देखा जाए तो इस दिशा में घर की रसोई होनी चाहिए क्योंकि रसोई घर में अग्नि से संबंधित कार्य जैसे खाना पकाना आदि होते हैं। इस दिशा में बनाए गए खाने का भोग परिवार के सारे सदस्य करते हैं। इसलिए यह ज़रूरी है कि जो लोग (घर की स्त्रियां) अपनी घरेलू गतिविधियों के कारण इस दिशा में अधिक समय व्यतीत करते हैं, वे खुश रहें। यदि घर की महिलाएं स्वस्थ व खुश रहेंगी तो घर का अग्नि कोण भी खुशहाल व सकारात्मकता से भरा रहेगा जिससे घर में शांति, प्रेम बना रहेगा और तनाव दूर रहेगा। अग्नि तत्व में किसी भी प्रकार का विघटन आ जाने से परिवार में बहस, झगड़े आदि का माहौल बन जाता है जिससे रिश्ते टूटने लगते हैं और आपके साथ परिवार के सदस्यों में  तनाव ग्रस्त व दुखी होने लगते  हैं। इसलिए सबसे पहले आप यह सुनिश्चित करें कि आपके घर की दक्षिण-पूर्वी दिशा हमेशा दोष मुक्त रहे तभी उससे संबंधित मूल तत्व यानि अग्नि तत्व परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्रेम बनाए रखेगा। 
वास्तु दोष निवारण, से घर का वास्तु दोष मिटायें और लायें खुशहाली:- संपर्क करें psyingh@gamil.com  पर हमें ईमेल करें 





क्लेश जब पति-पत्नी के बीच


Couple, Relationship, Brothers, Sisters

  • कई बार आपस में मतभेद या एक-दूसरे के विचारों से सहमत न हो पाने के कारण पति-पत्नी में भी बहस छिड़ जाती है जो थोड़ी ही देर में कलह-क्लेश का रूप ले लेती है। यदि ऐसा वाक् युद्ध घर में प्रायः ही होता है तो दोनों पति-पत्नी को बुधवार के दिन दो घण्टे का मौन व्रत धारण करना चाहिए।
  • गृह क्लेश निवारण के उपाय के तौर पर पत्नी को प्रसन्न करने के लिए पति को चाहिए की शुक्रवार के दिन उन्हें सुंदर सुगंधित पुष्प या इत्र भेंट कर सकते हैं। इसके साथ ही इस दिन चांदी की कटोरी में दही तथा  शक्कर लेकर पत्नी को खिलाएं।


  • यदि पति, पत्नी की मांग में सिंदूर भरें व पत्नी पति के मस्तक पर पीला तिलक लगाए तो भी क्लेश समाप्त होते हैं।
  • पत्नी को अपने शयन कक्ष के अंदर लाल कपड़े में 100 ग्राम सौंफ सुबह स्नान के बाद बांधकर रखनी चाहिए।
  • गृह क्लेश के उपाय के तौर पर पति-पत्नी दोनों को फिरोज़ा रत्न धारण कर लेना चाहिए। फिरोज़ा रत्न के प्रभाव से भी वैवाहिक सुख प्राप्त होता है। इसे चांदी की धातु में बनवाएं और अनामिका अंगुली में धारण करें। वैवाहिक जीवन में सुख प्राप्ति की चाह रखने वालों के लिए फिरोज़ा रत्न बहुत उपयोगी साबित हुआ है। 


  • पति-पत्नी दोनों प्रतिदिन लक्ष्मी-नारायण या गौरी-शंकर के मन्दिर में जाकर उनकी पूूजा-अर्चना करें। ऐसा करने से भी घर में शांति रहेगी। चाहें तो सोमवार के दिन दो-मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर सकते हैं। यह कार्य गृह क्लेश निवारण का बहुत ही अच्छा उपाय है।

                                        Background, Illustration, Landscape

सास बहु के बिच क्लेश 

सास-बहू के रिश्ते में शांति बनाए रखने के लिए घर में बर्तनों के गिरने व उनके टकराने की आवाज़ न बिलकुल भी न आने दें, अर्थात बर्तनों को गिरने से बचाये ।
  • घर के हर कोने को हमेशा साफ-सुथरा और घर के सभी समांनो को सजाकर उसके उचित स्थान पर रखें  रखें।
  • घर से नकारात्मक भाव को निकालने के लिए बहू को चाहिए कि वो सूर्योदय से पहले घर में झाडू लगाकर कचड़े को घर के बाहर फेंके।
  • रोटी बनाते वक्त पहली रोटी गाय व आखिरी कुत्ते के लिए जरूर निकालें और रोजाना उन्हें खिलाना मत भूले ।
  • सास और बहू दोनों को ही "ॐ शांति" मंत्र का जाप 21 दिनों तक लगातार करना चाहिए।

अगर भाई-भाई के बीच क्लेश हो 

Woman, Documentary, Child


  • श्री गणेश व भगवान कार्तिक का पूजन आपसी प्रेम भाईचारे की मिसाल है। ऐसे में यदि आपके घर में भी भाई-भाई के बीच क्लेश हो रहा है तो गणेश जी एवं स्वामी कार्तिक का पूजन एक साथ प्रतिदिन करें।
  • शिवलिंग पर पूजन के समय शमी का पत्र चढ़ाएं, इससे शनि का दोष का भी नाश होता है ।
  • विष्णु जी को तुलसी पत्र प्रिय है  अतः उन्हें  तुलसी पत्र अवश्य चढ़ाएं।
  • बड़े-बूढ़े, माता-पिता के चरण स्पर्श लेकर ही किसी कार्य हेतु प्रस्थान करें, यह प्रयोग अति-सफलतादायक है ।
  • "ॐ रामाय नमः" मंत्र का जाप जितना हो सके आवश्य करें।
  • रामायण या रामचरित्र मानस का यथा शक्ति पाठ करें अथवा सुने ।

ननद-भाभी या फिर जेठानी-देवरानी के बीच जब क्लेश हो 

  • गाय के गोबर का बनान हुआ दीपक उसमें तेल डालकर घर में जलाएं। इस दीपक में थोड़ा सा गुड़ डालकर घर के मुख्य दरवाज़े पर रखें।
  • "ॐ नमः शिवशक्तिस्वरूपाय मम गृहे शांति कुरु-कुरु स्वाहा"…. इस मंत्र का जाप 41 दिन तक नित्य 11 माला (रुद्राक्षमाला से) करें।


  • शिवलिंग पर परिवार के सभी सदस्य सहित दूध, गंगाजल, बेल-पत्र और पुष्प चढ़ाएं और भगवान शिव का पूजन करें।
  • घर को सुन्दर व सजाकर रखें एवं घर में शंख ध्वनि करें। नित्य गीता का पाठ करना भी गृह शांति को बनाने में सहायक साबित होता है ।

गृह क्लेश शांति हेतु अन्य उपाय

  • नवरात्रों के दिनों में घर में किसी पंडित से दुर्गा सप्तशती का पाठ करवाएं।
  • चीटियों को शक्कर खिलाएं।
  • घर के उत्तर-पूर्व यानि ईशान कोण में शौच का स्थान न रखें एवं उस स्थान को साफ रखें एवं किसी भारी वस्तु से दूर रखें।
  • कुंडली के बली ग्रहों के मंत्रों का जाप या तो किसी अनुभवी पंडित से करवाएं अथवा स्वयं करना चाहते हैं तो किसी गुरु के सानिध्य में ही करें।
  • तेज स्वर या ऊंची आवाज़ में घर में कभी भी बात न करें। वाणी में मधुरता लाएं।
आशा हैं कि आपको यह लेख पसंद जरूर आया होगा। 
गृह क्लेश निवारण के उपाय आपके लिए लाभकारी सिद्ध हों, आपका परिवार सुखमय बना रहे, मेरी ढेर सारी शुभकामनाए।  

 



|| धन्यवाद  || 




Please, Follow, Like,  Share, and Post Your Valuable Comments.

Comments

Popular posts from this blog

What Everyone Must Know About Surya || सूर्य नमस्कार मंत्र, सूर्य देव को प्रसन्न करने के अचुक मंत्र